पचराही

कंकालिन पचराही - कबीरधाम

कबीरधाम जिले के बोडला विकासखण्ड के तरेगांव मार्ग पर कवर्धा से 45 किलोमीटर दूर प्राचीनतम पुरातात्विक एवं धार्मिक स्थल पचराही हाफ नदी के तट पर स्थित है। भोरमदेव में प्राप्त मूर्तियों एवं पचराही में प्राप्त मूर्तियों में जोगी मगरध्वज का उल्लेख होना देनों में सास्यता प्रदर्शित करता है। इसे स्थानीय लोग कंकालिन पचराही के नाम से जानते है। अलेक्जेंडर कविघंम यहां पर 18वीं सदी तक एक भव्य मंदिर होने का उल्लेख करते है,जिसके अंदर कंकालिन माला की मूर्ति थी। हाफ नदी के तट पर विकसत सभ्यता का प्रमाण प्रराताव्विक उत्खन्न उपरांत मिला है। यहां पंचायतन शैली का शिव मंदिर सबसे छोटी गणेश प्रतिमा हनुमान जी की अद्भुग प्रतिमा नगरे सभ्यता की वस्तुएं प्राप्त हुई है। खुदाई के दौरान 15 करोड़ वर्ष प्राचीन जलीय जीवाश्म मोलास्का प्रजाति का प्रमाण मिला है।

हनुमान प्रतिमा - कबीरधाम

नगरे सभ्यता की वस्तुएं - कबीरधाम

शेर मूर्तिकला - कबीरधाम

पचराही की ऐतिहासिक स्थल - कबीरधाम

सूचना पट्ट